सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय । sumitranandan pant ka jivan parichay

[ सुमित्रा नंदन पंत का जीवन परिचय । sumitranandan pant ka jivan parichay ]

सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 मई 1900 मे उत्तराखण्ड के कुमायूँ की पहाड़ियों पर बसे कौसानी गांव मे हुआ था वही उनका बचपन बीता ।उनका घर आज ‘सुमित्रा नंदन पंत साहित्यिक वीथिका’ नामक संग्रहालय बन चुका है।

सुमित्रानंदन पंत के माता का नाम सरस्वती देवी और पिता का नाम प० गंगा दत्त पंत था सुमित्रानंदन पंत के जन्म के छ: घण्टे के बाद इनकी माता का मृत्यू हो गया ,इनका प्रारम्भिक पालन – पोषण पिता व दादी के छत्र-छाया मे हुआ

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सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय – sumitranandan pant ka jivan parichay

सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 म ई 1900 ई को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के निकट कैसोनी गांव में हुआ था। इनके पिता का नाम, पंडित गंगा दास था, तथा माता का नाम था। इनके जन्म के 6 घंटे बाद ही इनके माता का देहांत हो गया था इनका पालन पोषण इनके पिता और दादीजी ने किया।

जन्म20 मई 1900
पिता का नाम प० गंगा दत्त पंत
माता का नाम सरस्वती देवी
सम्मान व पुरस्कार पद्म भूषण
ज्ञानपीठ पुरस्कार
भाषा खडीबोली
व्यवसाय लेखक, कवि
राष्ट्रियता भारत
गाव का नाम कौसानी
जन्म, राज्य उतराखण्ड
मृत्यु राज्य प्रयागराज
(उत्तर प्रदेश)
मृत्यु 29 दिसम्बर 1997
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सुमित्रानंदन पंत जी का प्रारम्भिक शिक्षा

कुछ समय बाद वे हिंदी के नवीन धारा के प्रवर्तक कवि के रूप में पहचाने जाने लगे इलाहाबाद के सेंट्रल स्कूल से इण्टर तथा स्वाध्याय से अग्रेजी , संस्कृत और बंगला भाषा का ज्ञान प्राप्त किया

सुमित्रानंदन पंत की प्रारंभिक शिक्षा उनके गांव कौसानी से ही हुआ तथा उच्च शिक्षा अल्मोड़ा जिले में और बाद में वनारस के क्वींस कॉलेज से हुआ मैट्रिक उत्तीर्ण करने के बाद ये इलाहाबाद आ गये। वहां इन्टर तक अध्ययन किया।

सुमित्रानंदन पंत जी का विवाह

सुमित्रानंदन पंत जी ने आजीवन अविवाहित रह कर अपना सम्पूर्ण जीवन साहित्य साधना को समर्पित कर दिया सुमित्रानंदन पंत जी को भारत – सरकार द्वारा पद्मभूषण की उपाधि से भी अलकृत किया गया।

लोकयतन महाकाव्य पर सुमित्रानंदन पंत जी को सोवियत पुरस्कार तथा चिदम्बरा कृति पर ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त किया । 29 दिसम्बर 1997 मे मृत्यु हो गया

सुमित्रानंदन पंत जी की रचनाएं

सुमित्रानंदन पंत जी छायावाद के प्रसिध्द कवि है इन्हे प्रकृति का कोमल कवि भी कहा जाता है सुमित्रानंदन पंत जी बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न साहित्यकार थे

  • युगवाणी
  • लोकायतन
  • पल्लव
  • गुंजन
  • ग्राम्या
  • युगांत
  • चादनी
  • काले बादल

सुमित्रानंदन पंत जी की प्रमुख रचनाएं व कृतिया

सुमित्रानंदन पंत छायावाद के प्रसिध्द कवि जी की प्रमुख कृतिया या रचनाये

काव्य पल्लव 1926
वीणा1927
गुन्जन1932
लोकायत्तर 1964
युगांत1936
युगवाणी1939
सत्यकाम1975
ग्राम्या1940
स्वर्ण – किरण 1947
ज्योत्सन1934
युगपथ1949
उत्तरा1949
अतिमा1955
रजत शिखर1952
वाणी1958
शिल्पी1952
कला और बुढा चांद 1959
सुमित्रानंदन जीवनी

सुमित्रानंदन पंत जी का काव्य भाषा

सुमित्रानंदन पंत कोमल कल्पनाओ के कवि है इनकी काव्य भाषा खडी बोली है इनकी भाषा मे अन्य कवियो के अपेक्षा कोमलता और मधुरता अधिक है इसलिये सुमित्रानंदन पंत जी को कोमल कल्पनाओ के कवि कहाँ जाता है

इनकी भाषा व्याकरण के कठिन शब्दो से दुर रही है जरुरत अनूसार आवश्यकता पडने पर इन्होने अत्यंत सरल , लोक भाषा का प्रयोग किया है इन्होने ने कही – कही ब्रजभाषा देशज और अग्रेजी भाषा का प्रयोग किया है

सुमित्रानंदन पंत जी का कुछ लाइन

इस धरती के रोम – रोम मे भरी सहज सुंदरता ,

इसकी रज को छू प्रकाश, वन मधुर विनम्र निखरता

पीले पत्ते, टूटी टहनी छिलके , कंकर पत्थर ,

कूडा,करकट सब कुछ भू पर लगता सार्थक सुंदर

सुमित्रानंदन पंत

तुम्हारे रोम-रोम से नारि , मुझे है स्नेह अपार,

तुम्हारी सेवा मे अनजान, हृदय मा , सहचारि प्राण

सुमित्रानंदन पंत

भूख प्यास से पीडित उसकी भददी आकृति,

स्पष्ट कथा कहती कैसी इस युग की संस्कृति ।

वह पशु से भी घृणित मानव-मानव की है कृति,

जिसके श्रम मे सिची समृध्दो की पृथु सम्मति॥

सुमित्रानंदन पंत

सुमित्रानंदन पंत को पकृति से लगाव

प्राचीन काल से ही प्रकृति मनुष्य का लगाव रहा है जहाँ मनुष्य है वहाँ प्रकृति है और जहाँ प्रकृति है वहाँ मनुष्य है प्रकृति की ममता भरी गोद मे मनुष्य मा जैसा स्नेह प्राप्त करता है और अपने समस्त दुखो को क्षण भर के लिये भूल जाता है

मनुष्य नगरो और महानगरो की तरफ अधिक दौड रहा है किंतु उसे यह कृत्रिम वातावरण अधिक समय तक नही रोक पाता है वह फिर प्रकृति की ओर दैडने लगता है महादेवी वर्मा जी का जीवन परिचय पढे

सुमित्रानंदन पंत जी को प्रकृति से लगाव अपनी जन्म भूमी से ही प्राप्त हुआ है

People Also Ask

प्रश्न- सुमित्रानंदन पंत का जन्म कब हुआ था ?
उत्तर- सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 मई 1900 मे हुआ था

प्र्श्न- सुमित्रानंदन पंत का जन्म कहाँ हुआ था ?
उत्तर- सुमित्रानंदन पंत का जन्म उत्तराखण्ड के कुमायूँ की पहाड़ियों पर बसे कौसानी गांव मे हुआ था ।

प्रश्न- सुमित्रानंदन पंत का जन्म किस भारत के किस राज्य मे हुआ था ?
उत्तर- उत्तराखण्ड

प्रश्न- सुमित्रानंदन जी की शादी किससे हुई ?
उत्तर- सुमित्रानंदन पंत जी अविवाहित है ।

प्रश्न- सुमित्रानंदन पंत जी की मृत्यु कब हुई ?
उत्तर- 29 दिसम्बर 1997 को

प्रश्न- सुमित्रानंदन पंत जी की काव्य भाषा क्या है ?
उत्तर- खडी भाषा

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