ब्रम्हचर्य का क्या महत्व है ,सम्पूर्ण जानकारी | celibacy in hindi

ब्रम्हचर्य (celibacy )

क्या आप जानना चाहते है ब्रम्हचर्य का क्या महत्व है , बुद्धि व वाणी को सुध्द रखने के लिए, ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत ज़रूरी है ।आयुर्वेद का भी यही मत है | अगर कोई ब्रह्मचर्य का 2 महीने के लिए भी पालन करता है, तोअपनी मनोबल , वचन बल और देहबल में परिवर्तन अनुभव होगा !आप सभी इसके चमत्कार को जानते है ।

जीवन के ऊँचे से ऊँचे लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ब्रह्मचर्य का जीवन मे होना बहुत जरुरी है ? भगवान महावीर के अनुसार ” वीर्य रक्षण एक शाश्वत धर्म है , ब्रह्मचर्य , जीवन के निर्माण आधार है । जो व्यक्ति सच्चे भाव से ब्रह्मचर्य का पालन करता है , वह पूज्योँ का पूज्य बन जाता है ब्रह्मचारी लोग औरो के तुलना मे ज्यादा जिंदगी जीता है ।

ब्रह्मचारी का शरीर स्वस्थ रहता है , उसका मन प्रसन्न रहता है और उनकी बुद्धि भी स्वच्छ एंव पवित्र रहती है । इसलिए बाइबिल मेँ भी एक नही , अनेक स्थानोँ पर व्याभिचार , विषय-वासना और विलासिता को बार बार बताया गया है ब्रह्मचर्य पालन से आत्मबल बढ़ता है । एक ब्रह्मचारी मे दैवी गुण कूट-कूट कर भरे रहते हैँ ।

ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें

वे ओजस्वी , तेजस्वी , मनस्वी , वर्चस्वी , यशस्वी और दृढ़निश्चयी होते हैँ । एक ब्रह्मचर्य का जीवन के वचन मेँ इतनी शक्ति होती है कि आम आदमी उसके वचन को काट ही नहीँ सकता । जिस व्यक्ति ने कामुकता का पूर्णतया उन्मूलन कर डाला है तथा जो मानसिक ब्रह्मचर्य मेँ प्रतिष्ठित हो चुका है , वह व्यक्ति साक्षात्‌ ब्रह्म है । ब्रह्मचर्य ही जीवन है

ब्रम्हचर्य का क्या महत्व है

ब्रह्मचर्य के अनगिनत महत्व है, जो मनुष्य ब्रम्हचर्य का पालन करता है, वो शारिरीक व मानसिक दोनो रुपो से मजबूत होता है, ब्रह्मचर्य के पालन से शरीर स्वस्थ व तंदरुस्त बनता है,

ब्रह्मचर्य पालन करने के सरल उपाय

ब्रम्हचारी मनुष्य का मन उनके नियंत्रण में रहता है |
ब्रम्हचर्य का पालन करने से देह निरोगी रहता है |
ब्रह्मचर्य का पालन करने से मनोबल बढ़ता है | |
ब्रम्हचर्य का पालन करने से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढती है
ब्रह्मचारी मनुष्य का एकाग्रता और ग्रहण करने की क्षमता बढ़ता है |
ब्रह्मचर्य पालन करने वाला व्यक्ति किसी भी कार्य को पूरा कर सकता है |
ब्रह्मचारी मनुष्य हर परिस्थिति में भी स्थिर रहकर उसका सामना कर सकता है |
ब्रम्हचर्य के पालन से शारीरिक क्षमता , मानसिक बल , बौद्धिक क्षमता और दृढ़ता बढ़ती है
ब्रम्हचर्य के पालन से पुण्य कर्म बंधते है |
ब्रम्हचर्य का पालन करने से चित्त एकदम शुद्ध हो जाता है
ब्रह्मचर्य का पालन करने वाला व्यक्ति मन, बुद्धि और वाणी की शक्ति को
अपने तरीके से उपयोग करने मे सक्षम होता है
ब्रम्हचर्य के पालन से आत्मवीर्य बढ़ता है। ।
ब्रम्हचर्य का पालन करने से क्रोध,छल- कपट ,लालच धीरे धीरे कम होने लगते है |
ब्रम्हचर्य का पालन करने से सभी दिशाओं से प्रगति के रास्ते खुल जाते है।
ब्रम्हचर्य का पालन करके केवल ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है
ब्रम्हचर्य का पालन करने से आंतरिक इच्छाए संसारिक चीजों की तरफ नहीं जाती है |
ब्रम्हचर्य का पालन करते है ,उन्हें असीम आनंद की अनुभूति होती है।
ब्रह्मचर्य पालन से लाभ (celibacy in hindi)

उपर बताये गये ब्रह्मचर्य के नियम को अपने दिनचर्या मे उतारे, इसके मात्र 2 महीने के अभ्यास जीवन मे अद्भुद तरीके से बदलाव होगा, ब्र्ह्मचर्य ही जीवन है।

ब्रह्मचर्य किस उम्र मे रखना चाहिये

ब्रम्हचर्य का पालन किसी विषेश उम्र के लिये नही है , आप लोगो तो मालुम ही होगा आज कल के सोशल मिडीया के प्लेटफार्म पे छोटे बच्चे भी ऐसी हरकते करते है की विश्वास नही होता ,

अगर आप एक पैरेंट्स है तो अपने बच्चो को जितना जल्दी हो बताये की ब्रम्हचर्य क्या होता है , इसके फायदे क्या है, इसे आप किसी भी उम्र मे कर सकते है लेकिन 13 से 30+ के उम्र वाले जरुर करे, तो आइये जानते है ब्रम्हचर्य जीवन मे क्या न करे और ब्रम्हचर्य का क्या महत्व है celibacy in hindi

ब्रह्मचर्य जीवन मे क्या न करे

अगर आप ब्रह्मचर्य का पूर्णतया पालन नही कर पा रहे है तो, इन कारणो को खुद से दूर करे, मुख्य कारण ये है की शाम को 8 बजे के बाद मोबाइल, ना चलाये, ना ही मांस व मदिरा का सेवन करे, निम्न कारणो को ध्यान मे रखते हुये ब्रह्मचर्य का पूर्णतया पालन करे।

मांस ,मदिरा के सेवन से बचे
आकर्षण में उलझ कर व्यर्थ में समय और शरीर नष्ट नहीं करना चाहिए।
शरीर को साफ और पवित्र रखे / पूरी नीद ले / कितने घण्टे सोना चाहिये
अश्लील विडीयो देखने से बचे
मोबाइल को कम प्रयोग करे
अपने इंद्रियो पे सयम रखे
कोशिस करे जैसे आप है वैसे दोस्त रखे ना मिले तो ना रखे
अपने एक ही गलती को बार बार ना दुहराये
ज्यादा कसे कपडे पहनने से बचे जितना हो सके उतना धिले कपडे पहने
अपना कर्तव्य समझकर अपने कार्य करने चाहिए
संसार की तरफ ज्यादा आकर्षित कभी भी नहीं होना चाहिए
ज्यादा फैशन नही करना चाहिये नार्मल कपडे पहने
स्त्री और पुरुष को कभी भी एकांत में नहीं रहना चाहिए।
अपोजिट जेंडर से मित्रता नहीं करनी चाहिए।
ब्रह्मचर्य पालन से लाभ और पालन करने के सरल उपाय

उपर बताये गये, ब्रह्मचर्य के कारनो को योग के माध्यम से रोका जा सकता है, अपने दिनचर्या मे योग व ध्यान को शामिल करे, इसका परिणाम लाभप्रद होगा।

ब्रम्हचारी के लिए भोजन

एक ब्रम्हचारी को समान्य भोजन करना चाहिये मांस ,मदिरा,बीयर के सेवन से बचना चाहिये ज्यादा बाहर खाना खाने से बचे, खाने को आराम से चबाकर खाये ,ज्यादा मसाले दार नमक के सेवन से बचे , ज्यादा गर्म चिजे ना खाये जैसे लहसुन ,प्याज , इत्यादि ब्रम्हचर्य का क्या महत्व है मे आगे

ब्रम्हचर्य पालन का कैसे करे

ब्रह्मचर्य को पालन करने का सबसे आसान तरीका यह है की खुद को अच्छे कामो मे व्यस्त रखो, साथ ही बताये गये नियमो का पालन करो, आप जल्द ही ब्रह्मचर्य का पालन करने सक्षम होगे,

रोज ईश्वर का ध्यान करना चाहिए
मोह – माया से दूर रहे
योग और ध्यान करना चाहिये
मन को शांत रखे ‌‌ मन को शांत कैसे रखे
महीने में कम से कम 1 दिन उपवास जरूर करना चाहिए।
दिनचर्या बनाये और उसको पूर्णतया लगू करे
रात को जल्दी सोना है और सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाना चाहिए
मन को विचलित ना होने दे
तुलना करने से बचे
लोगो की सेवा करे,जिससे आप को ज्यादा खुशी मिल सके
ब्रम्हचर्य पालन का कैसे करे

ब्रम्हचर्य का पालन कैसे करे- को और अधिक जानने के लिये – बूक ले

गृहस्थ में ब्रह्मचर्य कैसे रहें ?


गृहस्थ जीवन हो, समान्य जीवन हो या विघार्थी जीवन ब्रम्हचर्य का पालन करने का वही नियम होता है आप उपर अर्टिकल मे देखेंगे की ब्रम्हचर्य का महत्व क्या है इसे कैसे करे , इसके लिये कैसा भोजन सही रहेगा , ब्रम्हचर्य को हम सब सेक्स से जोडकर देखते है की ब्रम्हचर्य का पालन करने का मतलब सेक्स से केवल दुर रहना नही है

ब्रम्हचर्य बहुत बडे विशाल पेड का नाम है सेक्स उसकी एक साखा है ,लेकिन ब्रम्हचर्य का शुरुआत अपने मन को नियत्रण मेरख कर किया जा सकता है , ब्रम्हचर्य के पालन करने से मात्र २ या ३ महिने के अंदर आप को एक अच्छा रिजल्ट देखने को मिल सकता है

ब्रह्मचर्य की दवा

ब्रम्हचर्य का एक ही दवा है अपने मन को अपने नियत्रण मे रखना , अगर आप अपने मन पर नियत्रण पा जाते है ,तो ब्रम्हचर्य के लिये इससे अच्छी दवा क्या हो सकती है

मन को नियत्रण करने के लिये आप सुबह जल्दी उठकर योग कर सकते है ध्यानकेंद्रीत मन को शांत कर सकते है जिससे आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और आप का मन भी विचलित नही होगा , इससे आप अपने जीवन को सुखमय बनाप पायेंगे ,

अगर आप को दि गई जानकारी के अलावा और भी ब्रम्हचर्य की जानकारी चाहिये तो क्लिक करे

ब्रह्मचर्य के फायदे और नुकसान

ब्रम्हचर्य के सिर्फ फायदे ही फायदे है इसके पालन से आप खुद को एक अच्छी जिंदगी दे सकेंगे , ब्रम्हचर्य के मात्र २ महिने के सही रुप से पालन करने से आप को खुद मे बदलाव दिखना शुरु हो जायेगा ,

ब्रम्हचर्य का बस यही नुकसान है की आप मोह माया से दुर हो जायेंगे , इस दुनिया से आप को थोडा अलग होना होगा, मोबाइल, टीवी, इत्यादि वस्तुयो से कम से कम लगाव रखना होगा, यही नुकसान है लेकिन आप के इस नुकसान की वजह से आप अपने जिंदगी मे कुछ भी हासिल कर सकते है ,

ब्रम्हचर्य का महत्व और फायदे विडीयो

View Comments (5)

  • Thanks🌹🙏 jai hind jai bharat radhe radhe 🙏🙏 sarve bhavantu shukhina

    • धन्यवाद, अन्य लेख अवश्य पढे, उम्मिद है आप के लाभप्रद हो

  • Aap ek scha aur bda nek kam kar rahe hai apki tarif sabdo se bya nahi ki ja sakti Thank you

    • धन्यवाद मित्र :) आपका सहयोग ही हमारे लिये बहुत है।