अनुच्छेद लेखन [कैसें सीखे] | Anuchchhed Lekhan

लेखन एक कला है, चाहे वो अनुच्छेद लेखन (Anuchchhed Lekhan) हो या निबंध लेखन, सभी लेखनों मे परिपूर्ण होने के लिये हमे हिंदी व्याकरण विषय मे दक्ष होना आवश्यक है। साथ ही लेखन करने के अभ्यास को नियंत्रण अपनाना होगा। आधुनिक दुनिया मे जीतनी आवश्यकता कम्प्यूटर द्वारा लिखित लेखो का है, उतना ही आवश्यक हस्त लेखन भी है।

Anuchchhed Lekhan

आपको बता दू कम्प्यूटर या अन्य डिजीटल उपकरणो द्वारा लिखित लेख मे मात्र हस्त लेखन की सुधार होती है। अच्छे व भावपूर्ण वाक्य लिखने के लिये आपको व्याकरण मे दक्ष्य होना ही होगा। तभी आप कम्प्यूटर व हस्त लेखन के माध्यम से अच्छे विचार, शब्द, वाक्य या अनुच्छेद लिखने मे सक्षम होंगे।

अनुच्छेद लेखन क्या है ? (Anuchchhed Lekhan Kya hai)

अनुच्छेद लेखन को अंग्रेजी मे Paragraph Writing कहते है। जो की समान्यत: 4 से 5 लाइन मे लिखे गये वाक्योंं को एक पैराग्राम का दर्जा दिया जाता है। अर्थात किसी भी विषय को विस्तार से प्रस्तुत करने की कला को अनुच्छेद लेखन कहा जाता है। आइये इसे हम अलग-अलग परिभाषायोंं व उदाहरणो से समझने का प्रयास करते है।

परिभाषा 1 – किसी भी विषय को संक्षिप्त एवं प्रभावपूर्ण ढंग से लिखने की कला को अनुच्छेद लेखन (Anuchchhed Lekhan) कहां जाता है। समान्यत: अनुच्छेद छोटे निबंध की तरह होता है। जो छोटे से शब्द मे पूरे लिखनी की व्याख्या करता है। या यू कहे किसी कहाँनी का छोटा सा भावपूर्ण भाग अनुच्छेद कहलाता है।

परिभाषा 2 – किसी भाव या विचार को शब्दो मे व्यक्त करने के लिए लिखे गये सुव्यवस्थित लघु वाक्य-समूह को अनुच्छेद-लेखन कहते हैं। समान्यत: यह कहानी का निबंध का लघु रुप होता है।

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अनुच्छेद लिखते समय ध्यान रखने योग्य बाते

  • अनुच्छेद लेखन में किसी विषय के एक ही पक्ष का वर्णन (व्याख्या) किया जाता है।
  • अनुच्छेद लिखने से पहले रूपरेखा, संकेत-बिंदु आदि जरुर लिखे
  • अनुच्छेद लेखन मे भाषा सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली होना चाहिये।
  • अनुच्छेद लेखन मे व्याकरण का भी विशेष ख्याल रखे, आवश्यकता अनुसार चिन्ह अवश्य लगाये।
  • अनुच्छेद या किसी भी लेखन मे एक ही शब्द को बार-बार ना दोहराएँ।
  • अनुच्छेद लेखन मे शब्द-सीमा को ध्यान में रखे, तथा वाक्य को भी पुरा करें
  • अनुच्छेद लिखनी मे पाठ से संबंधित दोहा, सूक्ति या कविता की पंक्तिया भी जोड सकते है।
  • अनुच्छेद लेखन को जानबूझ कर बडा न करे, अनावश्यक शब्द ना जोडे ।
  • अनुच्छेद लेखन (Anuchchhed Lekhan) मे विषय या पाठ से भिन्न वाक्य ना जोडे।

इन्हे भी पढे-

  1. 1 से 100 तक संस्कृत गीनती
  2. GK कक्षा 6 के लिये
  3. ग्रहो के नाम

अनुच्छेद लेखन उदाहरण (Anuchchhed Lekhan Example)

हिंदी के प्रसिध्द कवि हरिशंकर परसाई जी का जन्म 22 अगस्त 1992 मे मध्यप्रदेश के होसंगाबाद जिले मे हुआ था। इन्होने नागपुर विश्वविद्यालय से MA किया था तथा कुछ दिनों तक अध्यापन का कार्य भी किया। हरिशंकर परसाई जी मुख्य रुप से उपन्यास, संस्मरण, व निबंध लिखे।

हरिशंकर परसाई जी ने अधिकतर अपने लेखो मे पाखंड, भ्रष्टाचार, बईमानी पर गहरी चोट किये। इन्होने अधिकांश अपने लेख मे व्योहारिक हिंदी का प्रयोग किया है।

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