नारी शक्ती पर निबंध, कविता व नारे । महिला सशक्तिकरण पर निबंध | nari sashaktikaran par nibandh and Speech on women empowerment in hindi

एक नारी सब पे भारी – इस लेख मे नारी शिक्षा व नारी सशक्तिकरण पर निबंध [Nari shakti par nibandh] व कविता पढेंगे, इस हिंदी लेख के माध्यम से आप नारी शिक्षा या नारी शक्ती और स्त्री की आधुनिक वास्तविकता को आसानी से समझ पायेंगे – आखिर स्त्री परतंत्र क्यू ? पुरुषो के जैसा स्वतंत्र व मन मर्जी जीवन क्यू नही जी सकती ? [भारतीय नारी पर निबंध या नारी शिक्षा के महत्व पर निबंध और mahila sashaktikaran par speech]

Nari shakti par nibandh फोटो

महिला सशक्तिकरण
Nari sashaktikaran par Nibandh

स्त्री जीवन पुरुष जीवन के अपेक्षा ज्यादा सहर्ष शील होता है, स्त्रियों पर सामाजिक व पारिवारिक दबाव पुरुषों के मुकाबले अत्यधिक होता है, सामाजिक रुप में स्त्रियों को स्वतंत्रता कम दी जाती है, जबकि पुरुष पारिवारिक व सामाजिक दोनों प्रकार से स्वतंत्र होते है एक पुरुष कही भी जा सकता है बिना किसी अर्चन के, वही एक स्त्री को हजारों बार सोचना पड सकता है, Read- दहेज प्रथा पर निबंध

जबकि एक पुरुष बिना स्त्री के अधूरा है, हमें इन बातों को ध्यान देना होगा की स्त्री हो या पुरुष सब को जीवन जीने का हक होता है, सब अपने मर्जी सी जीवन जी सकते है।

लेकिन जब बात आती है स्वतंत्र जीवन जीना या अपने मन से जीवन जीने की तो पुरुष स्त्रियों के अपेक्षा ज्यादा स्वतंत्र हो जाते है और मन मर्जी जीवन जीते है, ऐसे में स्त्रियाँ पीछे रह जाती है ,

लेकिन आप ने सुना होगा “एक नारी सब पे भारी” का तात्पर्य है, जो काम कोई पुरुष कर सकता है वो स्त्री आसानी से व जल्दी कर सकती है,

हम एक आधुनिक जीवन जी रहे है जहाँ शिक्षा को महत्व ज्यादा दिया जाता है, ऐसे में नारी को शिक्षा न दिलवाना मूर्खता की बात है, क्योंकि शिक्षा के माध्यम से ही जीवन का विकाश हो सकता है, लेकिन कुछ माता-पिता ऐसे भी है जिन्हें लड़का या लड़की में कोई फर्क नहीं पडता वो दोनों को समान शिक्षा देते है उनके शब्दावली में भेद- भाव का कोई शब्द ही नहीं,

लेकिन आप ने गौर किया होगा जब- जब स्त्रियों को मौका मिला है ओ अपने परिवार, समाज, व देश का नाम जरूर रोशन की है, अब स्त्रियाँ शिक्षित हो रही और अपना हक हर जगह ले रही है , चाहे वो सरकारी नौकरी हो या शिक्षा क्षेत्र हो, या कोई खेल या व्यवसाय हो स्त्रियाँ हर जगह अपना परचम लहरा रही। mahila sashaktikaran essay in hindi


Speech on Women Empowerment in Hindi
-नारी सशक्तिकरण पर भाषण

Nari Sashaktikaran par Nibandh | Image Credit: Pixabay

महिला सशक्तिकरण पर भाषण-mahila sashaktikaran speech in hindi

नारी शक्ती का रुप तो हमे अपने घरो मे ही देखने को मिल जाता है, जहाँ माता और बहन अपने जिम्मेदारिया बेखूबी निभाती है, वही पुरुष पीछे रह जाते है, दिन भर घरो के काम करने के वावजूद, उनके काम मे कोई आलस नही दिखता, ऐसे मे स्त्री को कमजोर मानना जायज नही,

हमने समाज में ऐसी कई स्त्रियो को देखा है जो समाज से लड कर आगे निकल गई है, जबकी समाज स्त्रियों को ये कह कर चिढ़ाता था तु ये नहीं कर सकती या ये औरतो के बस का नहीं, इत्यादि, महिलाओं ने हर क्षेत्र मे महारथ हाशिल करके, समाज को सिखाया की स्त्रियाँ कुछ भी कर सकती है हम किसी से कम नहीं,

नारी शिक्षा

अगर हम लडकियो की शिक्षा की बात करें तो चाहे वो छोटी कक्षा हो या बडी कक्षा हो स्त्रियाँ हर जगह अव्वल स्थान पर आती है, जीवन का मूल आधार शिक्षा होता है, अगर शिक्षा पर जोर दिया जाय तो, परिवार, समाज और राष्ट्र को बढाया जा सकता है क्योकी परिवार का अधार स्त्री होती है, जिसे हम देवी के रुप मे मानते है स्त्रीयो को शिक्षा देकर समाज व राष्ट्र का चौमुखी विकाश किया जा सकता है।

धीरे- धीरे लोग नारी शिक्षा के महत्व को समझ रहे है, और बेटियों को शिक्षा दे रहे है, बेटों को शिक्षा देने के मुकाबले बेटिया को शिक्षा देना ज्यादा उचित समझते है, Read-महिला दिवस पर निबंध

मैं ये नहीं कह रहा बेटों को शिक्षा नहीं देना चाहिये, हमारे कहने का अर्थ है, एक बेटे के शिक्षा से सिर्फ बेटा बस शिक्षित होता है लेकिन एक बेटी की शिक्षा से एक परिवार शिक्षित होता है ।

इस लेख मे हमने nari sashaktikaran in hindi को पढा-इसे आप निबंध व भाषण दोनो रुपो से प्रयोग मे ला सकते है -आगे नारी सशक्तिकरण पर निबंध और कविता पढे।

नारी शिक्षा का महत्व 

नारी सशक्तिकरण पर निबंध

नारी शिक्षा पुरुष शिक्षा के अपेक्षा ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि एक पढी – लिखी स्त्री अपने पूरे परिवार को शिक्षित कर सकती है ,

लेकिन दुर्भाग्य हमारे देश में स्त्रियों को शिक्षा देने का ज्ञान नहीं है वो सिर्फ स्त्रियों को घरेलू कामों में प्रयोग करते है जैसे-घर का काम करना, खाना बनाना , घर साफ करना , भैस खिलाना, साफ-सफाई करना इत्यादि, जिससे स्त्रियों खुद को परतंत्र समझती है (nari sashaktikaran par nibandh)

लेकिन परिवर्तन  ही संसार का नियम है, धीरे – धीरे समाज व स्त्री दोनों जाग रुप हो रहे है , नारी अब अपने हक की लडाई लड रही है और उन्हें अपना हक भी मिल रहा । नारी अब पढना चाहती है क्योंकि उसे पता है की शिक्षा के बिना हर मनुष्य का जीवन व्यर्थ है , अतः: शिक्षा के माध्यम से ही इस समाज से आगे निकला जा सकता है और जीवन को सम्पूर्ण बनाया जा सकता है

लेकिन कई गाव अब भी ऐसे है जहाँ पर बालिका को शिक्षा लेने का हक नहीं,

नारी को शिक्षा न देने का कारण 

 नारी को शिक्षा न देने का कई  कारण हो सकता है, जरूरी नहीं कोई माता – पिता जान बुझ कर अपने बेटे या बेटियों को पढा नहीं रहे , कुछ माता पिता तो सिर्फ अपने बच्चों को छोटी कक्षा तक ही पढा पाते है ,इसके कई कारण हो सकते है, स्कूल का दूर होना , फी ज्यादा लेना , छोटी कक्षा पढने के बाद आगे की पढाई के लिये शहर जाना इत्यादि – बालिका को शिक्षा न देने का कारण जैसे- 

1.स्कूल का ना होना

2.स्कूल या कालेज का दूर होना 

3.फी ज्यादा लगना 

4.नारी जाति होने के कारण (माता- पिता का डरना) 

5.आगे की पढाई के लिये शहर से बाहर भेजना 

नारी सशक्तिकरण पर कविता-poetry on women empowerment mahila sashaktikaran par nibandh

nari sashaktikaran par nibandh | Image Credit: Pixabay

नारी शक्ती पर कविता या नारी शिक्षा पर कविता, इस कविता मे कवि ने नारी की प्र्कृति को दर्शाने का प्रयास किया है, आप नो कविता के अंत मे भावार्थ मिल जायेगा। Nari shakti par Kavita [poetry on women empowerment in Hindi]

नारी होती है महान
मत करो इनका अपमान,
दो इनको शिक्षा का अधिकार
ताकि हो सके देश का विकाश
,

इनकी भी होती है इच्छा
खेले-कुदे हो जीवन सच्चा,
हो पूरे सारे मन की इच्छा
नारी को दो सम्पूर्ण शिक्षा
,

जीवन जीने से इनको ना रोको
बात-बात पे ना तुम टोको,
इनको बनाने दो अपनी पहचान
नारी होती है महान
,

नारी शिक्षा में आगे लाओ
लोगों की बातों से ना घबराओ,
मन में ना कोई विचार लाओ
नारी को सिर्फ पढाते जाओ
,

नारी होती है महान
मत करो इनका अपमान
,

लेखक- suraj

बेटी पर कविता पढे

भावार्थ :- स्त्री सबसे महान होती है,हमें इनका अपमान या अत्याचार नहि करना चाहिये, आदर व्योहार के साथ पेश आना चाहिये, और इन्हे शिक्षा अधिकार देना जरुरी समझे ताकि देश का विकाश हो सके, नारी शिक्षा के प्रति लोगो को जागरुप करना अनिवार्य है।

स्त्री की भी इच्छा होती है, मन होता है इनका भी मन होता है खेले, कुदे, शिक्षा ले,इत्यादि हमे इन पर रोक नही लगाना चाहिये । – mahila sashaktikaran hindi

स्त्री जो चाहती है उसे करने दो , इनको बात – बात पे टोकना अच्छा नही, इनको अपनी पहचान बनाने दो, अपने अस्तित्व का निर्माण करने दो, नारी सबसे महान होती है सकारात्म्क विचार रखो ।

स्त्री को शिक्षा दिलवाने पे जोर दो,लोग क्या कहते है उनकी बातो को मत सुनो, मन मे अपने सकारात्मक विचार रखो,और स्त्री को सिर्फ पढाते जाओ, पढाते जाओ और पढाते जाओ ।

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