पत्र-लेखन [ प्रकार व विधि ] | patr lekhan in hindi | latter writing in Hindi ,

Patr lekhan in hindi पत्र या चिठ्ठी कैसे लिखे

अपने मन के जिन भावों को हम व्यक्त नहीं कर सकते है एवं अपने विचार किसी के सामने प्रकट करने से घबराते है तब हम पत्र लेखन के द्वारा अपने विचारो को निःसंकोच बया कर सकते है। पत्र को गाव मे चिठ्ठी (chiththi) के नाम से भी जाना जाता है

पत्र लेखन के माध्यम से हम अपनी बात दूसरों तक आसानी से पहुँचा सकते है समाज के कई प्रकार के वर्गों जैसे- सरकारी काम,  दफ्तर, स्कूल, इत्यादि जगहों पर समय- समय पर अपनी बात रखने के लिये या सुझाव देने के लिये patr lekhan का ही सहारा लेते है

पत्र लेखन को अभ्यास के माध्यम से आसानी से सीखा जा सकता है इसलिये पत्र लेखन के लिये एक शब्द का प्रयोग किया गया है की “पत्र लेखन एक कला है“। चिठ्ठी कैसे लिखे या पत्र लेखन कैसे लिखे मे आगे

patr lekhan in hindi
पत्र लेखन -patrlekhan

letter writing Tips (पत्र लिखते समय ध्यान रखे)

भाषा स्पष्ट व सरल होनी चाहिये
मूल उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिये
पत्र भेजने वाले का पता स्पष्ट होना चाहिये
पत्र पाने वाले का भी पता स्पष्ट व साफ- साफ लिखा होना चाहिये
पत्र लेखन के बाद एक बार जरूर पढे

Types of letter writing in Hindi ( पत्र के प्रकार )

पत्र दो प्रकार का होता है और दोनो प्रकार के पत्र का अपना अलग- अलग महत्व है इस समाज मे कई वर्ग है जैसे सरकारी , प्राइवेट , व्यवसाय , रिश्ते- नाते , इत्यादि । इन सभी वर्गो के लिये अलग- अलग प्रकार से पत्र लिखा जाता है

 पत्र लेखन के प्रकार । patr lekhan in hindi
patr lekhan hindi

Types of letter

  1. औपचारिक पत्र
  2. अनौपचारिक पत्र

aupcharik patra format in hindi (औपचारिक पत्र लेखन)

aupcharik patrlekhan सरकारी कार्यालयो, अर्ध सरकारी, गैर- सरकारी जैसे स्थानो पर पत्र भेजने के लिये लिखा जाता है इसके अंतरगर्त जैसे-

औपचारिक पत्र कैसे लिखे

औपचारिक पत्र लिखते हुये इन बातो का विशेष ध्यान दे ।

प्रेषक का नाम और पता
कार्यालय या विभाग का नाम व पता
विषय किस लिये पत्र लिखा गया है
तिथि
सम्बोधन
स्वनिर्देश
प्रेषक के हस्ताक्षर

औपचारिक पत्र कहाँ -कहाँ लिख सकते है

औपचारिक पत्र आप सरकारी कार्यालयो , दफ्तरो , जैसी जगहो पर प्रयोग करे। ध्यान रखे ऐसे पत्रो को ध्यान पूर्वक लिखे – ऐसे क्षेत्र मे आप अनौपचारिक पत्र का प्रयोग न करे।

  • सरकारी पत्र
  • गैर सरकारी पत्र
  • प्रार्थना पत्र
  • निमंत्रण पत्र
  • व्यावसायिक पत्र
  • किसी अधिकारी को पत्र


anupcharik patra in hindi (अनौपचारिक पत्र)

ये पत्र लेखक व्यक्तिगत पत्र होता है जो अपने रिश्ते , मित्रों व सगे- संबंधियों को लिखे जाते है। जैसे की बेटे द्वारा पिता या माता को या किसी मित्र की सहायता हेतु पत्र, इत्यादि। मन को शांत कैसे करे क्या आप को पता है

अनौपचारिक पत्र कैसे लिखे

अनौपचारिक पत्र लिखते वक्त ध्यान रखे की आप सरल व सुव्यवस्थित भाषा का प्रयोग करे और उचित सम्बोधन का प्रयोग करे।

प्रेषक का पता
प्रेषक का स्थान व तिथि
पाने वाले का सम्बोधन
अभिवादन
लिफाफे के पत्र पाने वाले का नाम पता व तिथि

अनौपचारिक पत्र कहाँ -कहाँ लिख सकते है

अनौपचारिक पत्र अपने प्रियजनो को लिखने के काम मे आता है जैसे , मम्मी – पापा, मित्र, रिश्तेदार इत्यादि इस पत्र से आपनए प्रियजनो को आमंत्रण , शोक, बधाई इत्यादि जैसे पत्र लिख सकते है

पत्र लेखन के उदाहरण

पत्र लेखन के उदाहरण को देख कर आप पत्र लिख सकते है , लेकिन ध्यान रखे आप को कापी पेस्ट नही करना है । पत्र लेखने मे अपने विचार लिखे जाते है इसलिये आप अपने विचार ही लिखे , यहाँ से देख कर आप समझ सकते है पत्र लेखन कैसे लिखे


छूट्टी के लिये पत्र -patr lekhan

सेवा मे,
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,
बाल विकाश मंदिर प्रयागराज
विषय-अवकाश के लिये प्रार्थना पत्र

मान्यवर ,
सविनय निवेदन है की दिनाक……………………को मेरे बडे भाई का विवाह होना सुनिश्चित हुआ है विवाह मे शामिल होने के लिये मुझे प्रयागराज से मिर्ज़ापुर जाना है अत: दिनाक………………से……….तक स्कूल आने मे असमर्थ हु कृपया मुझे 5 दिन कि छूट्टी देने की महान कृपा करे

धन्यवाद ……………… आपका आज्ञाकारी शिष्य
दिनांक ……………….


पत्र लेखन के फायदे

पत्र लेखन (चिठ्ठी) के अनेकों फायदे हैं इसकी अलग ही विशेषताएं भी है पत्र के माध्यम से हम अपने विचारो को किसी दूसरों तक भेजने का एक माध्यम होता है लेकिन आजकल पत्र भेजने के कई माध्यम हो गये है

जैसे -व्हाट्सएप, फेसबुक,इमेल, सभी सोशल मीडिया एप्स सभी ने पत्र लेखन का जगह ले लिया है लेकिन पत्र आज भी सरकारी दफ्तरों,स्कूलों ,कालेजों ,में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला माध्यम होता है

क्या आप को पता है जब नेट का जमाना नही था तब लोग अपने विचार एक दुसरे तक कैसे शेयर करते थे , तब अपने विचारो को एक दुसरे तक पहुचाने का सिर्फ एक ही माध्यम था वो है पत्र लेखन के जरिये ।

पहले के लोग सिर्फ पत्र का यूज़ करते थे अगर आपको किसी जगह कुछ बताना है तो आप को पत्र भेजना होगा, बस यही एक सहारा था , लेकिन पत्र भेजने के कई मध्यम थे जैसे- पंक्षी के द्वारा , राजदूत के द्वारा , इत्यादि

पत्र भेजते वक्त मुख्य बातें याद रखें

पत्र लिखते (patr lekhan) वक्त आपको ध्यान देना होगा कि पत्र के ऊपरी लिफाफे पर जिस को भेजा जा रहा है उसका स्पष्ट रूप से नाम पता व मोबाइल नंबर एवं पिन कोड अंकित होना चाहिए जिससे वह लिफाफा आपके भेजने वाले के पास आसानी से पहुंच जाए लिफाफे में के ऊपर अपना नाम पता डालना आवश्यक नहीं है लेकिन आप इसे लिफाफे के अंदर लिख सकते हैं

पत्र भेजते वक्त ध्यान रखे

लिफाफे पर भेजे जाने वाले का नाम अंकित करे
पता, मोबाइल नम्बर जरुर डाले
स्पष्ट व साफ शब्दो का प्रयोग करे
समान्य पेन का प्रयोग करे(जेल जैसे पेन से ना लिखे)
अपना नाम अंकित कर सकते है
patr lekhan in hindi

पत्र कैसे भेजें

अगर आप किसी को पत्र भेजना चाहते हैं तो लिखे हुये पत्र को लिफाफे में बंद कीजिए और जिस को भेजा जा रहा है उसका पुरा नाम, पता तथा पिनकोड जरूर लिखें, इससे आपका पत्र आसानी से पहुंच जाएगा

नोट -कृपया ध्यान दें पत्र के ऊपर वाले लिफाफे में पत्र जिस को भेजा जा रहा उसका नाम साफ एवं स्पष्ट भाषा में अंकित करे मोबाइल नंबर पता पिन कोड जैसे पता को जरूर अंकित करें‌‌‌‌।

patr lekhan in hindi
patr lekhan in hindi

conclusion

पत्र लेखन (latter writting-चिठ्ठी) ही ऐसा माध्यम है जिसे लोग बडी गौर से पढते है और उसपे ध्यान देते है , हालाकी पत्र किसी को भेजना व प्राप्त करने मे समय लगता है , जहाँ आज कल के पत्र लेखन ,माध्यम जैसे- इमेल , फैक्स से पत्र को कुछ मिनटो मे आसानी से भेजा व प्राप्त किया जा सकता है । chiththi शब्द हमारी मातृभाषा से बना है ।




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