गिलोय के फायदे व उपयोग। Giloy ke fayade

गिलोय एक अद्भुत जड़ी बूटी और आयुर्वेदिक औषधि है। ये हमारे शरीर को जीवाणु और विषाणु से बचाता है तथा कई अन्य प्रकार के चर्म रोगों से भी बचाता है देखा गया है कि गिलोय एक एसी जड़ी बूटी है जो कि हर एक बिमारी के लिये फायदेमंद होती है, दरअसल ये हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है जो हमे हर एक बीमारी से लड़ने में काम आता है।

Giloy ke fayade

गिलोय के फायदे– Giloy ke fayade

गिलोय एक अद्भुत औसधी है आप गिलोय का इस्तेमाल किसी भी बीमरी मे कर सकते है गिलोय हमारे शरीर मे इंफेक्सन से ले के कैंसर जैसी बीमरियो को ठीक करने मे सक्षम है। अगर आप को छोटा मोटा बुखार भी है तो आप उसमे भी गिलोय का इस्तेमाल कर सकते है।

गिलोय के फायदे

  • प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।
  • बुखार, खांसी, जैसे बीमारियो से बचाता है।
  • शरीर को स्वस्थ व तंदरुस्त रखता है।
  • शरीर को इंफेक्सन से बचाता है।
  • खून को साफ करता है।
  • शरीर में सूजन को कम करता है।
  • सांस की समस्याओं से लड़ता है।
  • पाचन में सुधार करता है।

गिलोय मे भरपूर्ण मात्रा मे कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे कुछ आवश्यक खनिज भी होते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी तथा एंटी-ऑक्सीडाइजिंग पाये जाते हैं। आयुर्वेद में गिलोय को सप्तधातु वर्धक माना गया है।

गिलोय की लकड़ी के फायदे:
गिलोय एक ऐसी औषधि है जिसको कोई भी इस्तेमाल मे ला सकता है, जब जड़ी-बूटी नियमित रूप से ली जाती है तो यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए चमत्कार कर सकती है। आप को स्वस्थ्य व तंदरुस्त कर सकती है.,खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा गिलोय को उपचारात्मक दवा के रूप में उपयोग करने के लिए अनुमोदित किया गया है। इसे पुरी दुनिया ने माना है कि यह महत्व पुर्ण जडी बूटीयो मे से एक है। Read- हल्दी दूध पीने के फायदे

गिलोय अपने शक्तिशाली प्रतिरोधक क्षमता और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण यह श्वसन प्रणाली के श्लेष झिल्ली को शांत करता है जिससे, अस्थमा, खांसी, सर्दी और टॉन्सिल जैसे श्वसन संबंधी मुद्दों में बहुत प्रभावी हो जाता है। अगर आप को खांसी बहुत दिनो से आ ररी है तो आप एक बार गिलोय जरूर इस्तेमाल करे।पढे- खांसी का घरेलू उपाय

गिलोय की पहचान

गिलोय की पहचान- फोटो:Pixabay

गिलोय का पौधा
गिलोय का पौधो आम पौधो की तरह ही होता है, इसकी पहचान इसके पात्तो व तनो के द्वारा किया जा सकता है। गिलोय का पत्ता, खाने वाले पान के पत्ते की तरह होता है, तथा इसके तने मे छोटे-छोटे काटे नुमा भाग होते है, शुरुआती दौर मे इसके तने, हरे रंग के होते है, लेकिन समय के साथ यह गाढा हरा, फिर भूरे ((पेडो के छाल) के जैसे हो जाते है। गिलोय के तने लचकीले, व मूलायम होते है, जिसके कारण इसे बढने के लिये अन्य सहारो की मदद लेनी पडती है। जैसा की आप फोटो मे देख रहे है कैसे गिलोय के पौधे को लकडी की मदद से चढाया गया है।

गिलोय का उपयोग
गिलोय का तना सबसे अधिक उपयोगी होता है,लेकिन इसकी जड़ का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके लाभ और उपयोग को एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) द्वारा भी अनुमोदित किया गया है”, पोषण विशेषज्ञ अंशुल जयभारत कहते हैं। “गिलोय का उपयोग- जूस, पाउडर या कैप्सूल के रूप में किया जा सकता है।

गिलोय घनवती के फायदे Giloy Ghanvati ke Fayade

गिलोय शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है, अर्थात जो पदार्थ जहरीले होते है उसे शरीर से उसे बाहर निकलने का काम करता है रक्त को शुद्ध करता है और बैक्टीरिया से लड़ता है। यह लीवर की बीमारी वाले लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।

गिलोय की प्रकृति
गिलोय की प्रकृति ज्वरनाशक से जानी जाती है, जिसका अर्थ है कि यह बुखार को कम कर सकता है और डेंगू, स्वाइन फ्लू और मलेरिया जैसे जानलेवा बुखार के लक्षणों को कम कर सकता है। पढे- चुकंदर के फायदे

गिलोय, तुलसी के फायदे
यदि आप स्वस्थ रस के रूप में तुलसी और गिलोय क रस चाहते हैं, तो यह एक अच्छा विकल्प है जिसे आप चुन सकते हैं। शरीर के दर्द को कुछ हद तक कम करने के लिए भी इस जूस का सेवन कर सकते हैं

गिलोय जूस के फायदे
गिलोय के जूस से आप मोटापा बहुत ही जल्दी दूर कर सकते हो, आप को जानकर हैरानी होगी की गिलोय को कभी खराब नही होता है इसमे कभी भी कोई कीड़े नही लगते, आप इसे जब चाहे तब ले सकते है। गिलोय से आप फिट रहेंगे आप के चेहरे से हमेशा एक तेज़ रहेगी और आप  क दिमाग भी स्वस्थ रहेगा। पढे- नारियल पानी के फायदे

गिलोय क्या है?
गिलोय को गुडुची या टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया के रूप में भी जाना जाता है, आयुर्वेद में सबसे अच्छी प्रतिरक्षा बढ़ाने वाली जड़ी-बूटियों में से एक है। यह आयुर्वेद दवा बनाने में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली सामग्री में से एक है।
इसे लगभग हर एक आयुर्वेद के दवा में आसनी से पा सकते है।

गिलोय लगभग सभी विटामिनों से भरपूर होता है और इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे कुछ आवश्यक खनिज भी होते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडाइजिंग गुण होते हैं। आयुर्वेद में गिलोय को सप्तधातु वर्धक माना गया है। यह स्वास्थ्य और भलाई के लिए आवश्यक सभी सात ऊतकों का पोषण करता है (आयुर्वेदिक वर्गीकरण के अनुसार)।

इस लेख मे हमने गिलोय के फायदे व उपयोग के विषय मे जाना, अगर यह लेख आप के लिये लाभप्रद हो तो, शेयर करना ना भूले, साथ हमारे साथ जुडे Join Now