मलेरिया के लक्षण,कारण व उपाय जानें | Symptoms of Malaria in Hindi

मलेरिया के लक्षण । मलेरिया के प्रकार । मलेरिया का इलाज

मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो अधिक ठण्‍ड (कॅंपकपी) लग कर आता है। इसके कई अन्य लक्षण भी है लेकिन अधिकतर देखा गया है की मलेरिया रोगी को कभी ज्यादा तो कभी कम बुखार होता रहता है ये बुखार दिन के अंतराल मे भी आ सकता है। तथा मलेरिया रोगी को भूखार व सिरदर्द के लक्षण भी पाए जाते है।

मलेरिया बीमारी मादा मच्छर अनोफेलेस के काटने से होता है, इसका सही समय पर इलाज ना होना घातक साबित हो सकता है, इस लेख मे हम मलेरिया के लक्षण व मलेरिया से बचने का घरेलू उपाय जानेंगे, ध्यान रहें यह लेख शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है, इसलिये बताये गये सुझावों को सामान्य जानकारी समझे, तथा किसी भी प्रकार के बीमारी मे, बिना डाक्टर की सलाह के शरीर पर कोई भी परीक्षण ना करें। डेंगू के लक्षण जानें

मलेरिया के लक्षण

मलेरिया के लक्षण – Symptoms of Malaria

संक्रमित मच्छरों के काटने के सात दिन बाद मलेरिया के लक्षण दिखने लगते हैं। कभी – कभी इसके लक्षण दिखने मे 7 से 15 दिन का समया या उससे अधिक समय लग सकता है, यह आप के प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है, आइये जानते है। मलेरिया की पहचान कैसे करें।

मलेरिया की पहचान: कपकपी देकर ठंड लगना, कभी तेज तो कभी कम बुखार आना, थकान महसूस होना, मुख्यरुप से आप स्वयं को बीमार पायेंगे, हालाकि इन लक्षणों का अन्य भी कारण हो सकते है। इसलियें डाक्टर की सलाह के बिना किसी भी प्रकार के दवाई का सेवन ना करें। आइयें मलेरिया के लक्षणों को जानते है। – हल्दी व दूध पीने के फायदे

मलेरिया के लक्षण – Symptoms of Malaria in Hindi

  1. तेज बुखार
  2. ठण्ड लगना
  3. सिर दर्द
  4. उल्टी होना
  5. एनीमिया
  6. मांसपेशियों मे दर्द
  7. मल मे खून आना
  8. गले मे दर्द/खराश
  9. थकान व बेचैनी महसूस होना

मलेरिया के प्रकार – Types of Malaria

  • प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (Plasmodium Falciparum)
  • प्लास्मोडियम ओवले (Plasmodium Ovale)
  • प्लास्मोडियम मलेरिया (Plasmodium Malaria)
  • प्लास्मोडियम नोलेसी (Plasmodium Knowlesi)
  • प्लास्मोडियम विवैक्स (Plasmodium Vivax)

गंभीर फाल्सीपेरम मलेरिया संभावित रूप से जानलेवा बीमारी है। ये मरीजों के लीवर व किडनी को फेल कर सकता है तथा कोमा जैसे गंभीर बीमारी भी उत्पन्न कर सकता है। तथा मलेरिया के अन्य प्रकार जैसे – पी. विवैक्स  एवं पी. ओवले के संक्रमण कम गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं। लेकिन समय पर उपचार ना होने पर, ये भी गंम्भीर बीमारी का आकार ले सकती है, इसलिये समय रहते बीमारी का इलाज अवश्य करायें।

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मलेरिया कैसे होता है?

मलेरिया बीमारी आमतौर पर संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। केवल एनोफिलीज  मच्छर ही मलेरिया संचारित कर सकते हैं। जब संक्रमित मच्छर मनुष्य को काटता है तो मनुष्य को काटते वक्त संक्रमित मच्छर का लारवा मनुष्य के अंदर संचारित हो जाता है, जिसके परिणाम स्वरुप मनुष्य हप्ते या कुछ दिनो बाद बीमार हो जाता है।

मलेरिया का मुख्य लक्षण, कपकपी दार ठण्ड लगना, बुखार होना, सिरदर्द, तथा मांस्पेशियों मे दर्द होना, इत्यादि है, ध्यान रहें मलेरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सर्दी या फ्लू की तरह नहीं फैलता है,  ना ही मलेरिया संक्रमित लोगों के साथ संपर्क से होता है। बल्कि मलेरिया संक्रमित मच्छर, रक्त आधान, अंग प्रत्यारोपण, या रक्त से दूषित सुई या सीरिंज के साझा उपयोग के माध्यम से हो सकता है। 

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मलेरिया का इलाज

मलेरिया का आभाष या गम्भीर लक्षण दिखने से पूर्व इलाज कराना जरुरी है। नही तो यह जीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है। मार्केट मे कई अच्छी मलेरिया-रोधी दवाएं उपलब्ध हैं, और इन्हें जल्दी ही लेना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण कदम यह है कि यदि आप बीमार हैं या वर्तमान में मलेरिया वाले क्षेत्र में हैं, या हाल ही में मलेरिया क्षेत्र से आए हैं, तो डॉक्टर से सुझाव अवश्य ले ताकि समय रहते मलेरिया का उपचार किया जा सके।

ध्यान रहे- मलेरिया की दवा डाक्टर के द्वारा लिखी जाने वाली पर्ची से मिलने वाली दवा है ये दवा व्यक्ति के उम्र, मलेरिया के प्रकार व मलेरिया की अवधि पर निर्भर करती है। इसलिये किसी भी बीमारी मे बिना डाक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन ना करें।

Source :- www.nhp.gov.in
Source:- stanfordhealthcare.org
Source:- www.cdc.gov

जरुरी सूचना:- यह लेख केवल शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है, लेख मे बताये गये सुझावों के परीक्षण से पहले डाक्टर की सलाह अवश्य ले। साथ ही इंटरनेट पर उपलब्ध दवा की जानकारी के माध्यम से दवा का सेवन करने से बचें।

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